आयोग के अंदरूनी नोट पर CM धामी ने साफ किया रुख, बोले- अंतिम निर्णय पर होना चाहिए फोकस

ख़बर शेयर करें 👉

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाना स्वाभाविक और जरूरी है, लेकिन किसी आंतरिक नोट या टिप्पणी को अंतिम निर्णय मानने से पहले पूरा रिकॉर्ड सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी आपत्ति के आधार पर सीधे संस्थागत विफलता का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

रविवार को देहरादून में प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में निर्णय लेने की प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों और संबंधित पक्षों के बीच विचार-विमर्श होता है। अलग-अलग मत और टिप्पणियां प्रक्रिया का हिस्सा हैं। ऐसे में किसी आंतरिक दस्तावेज को अंतिम निर्णय के तौर पर देखने के बजाय आयोग के वास्तविक और अंतिम फैसले पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

सीएम धामी ने कहा कि महत्वपूर्ण यह है कि आयोग ने अंततः क्या निर्णय लिया, क्या घोषणा की गई और वह निर्णय कानून तथा संवैधानिक प्रक्रिया की कसौटी पर कितना खरा उतरता है। उन्होंने कहा कि सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इन सवालों के जवाब संबंधित दस्तावेजों और निर्धारित संवैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर सामने आने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी संस्थागत प्रक्रिया को समझने के लिए पूरे रिकॉर्ड को देखना जरूरी है। उनके मुताबिक, अंतिम निर्णय और उसके आधार को सामने रखकर ही किसी मामले पर निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।