डिजिटल अरेस्ट के डर में फंसा डॉक्टर, साइबर ठगों ने लिया फायदा
उत्तराखंड में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और ठग लोगों को फंसाने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इसी कड़ी में राजधानी देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के धुलकोट में एक निजी क्लिनिक के डॉक्टर साइबर ठगों का शिकार बने।
ठगों ने डॉक्टर को डराया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल दिल्ली ब्लास्ट में शामिल किसी व्यक्ति द्वारा किया गया है और उनके खिलाफ डिजिटल अरेस्ट हो सकता है। इसके बाद डॉक्टर से लाखों रुपये ठग लिए गए और 10 लाख रुपए का लोन लेकर पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया।
पीड़ित दीपक कुमार ने बताया कि 20 नवंबर को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति ने कॉल किया और खुद को अरुण कुमार, सब-इंस्पेक्टर एएनआई नई दिल्ली के रूप में पेश किया। ठगों ने आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी दिखाकर डराया और कई पेमेंट लिंक भेजे। डर के मारे पीड़ित ने दो लाख 34 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।
जब ठगों ने और पैसे मांगने शुरू किए, तो पीड़ित ने मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने परिचितों से बात की और समझा कि यह एक साइबर ठगी का मामला है। तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
प्रेमनगर थाना प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनकी भी जांच की जा रही है।
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