कैंची धाम में आस्था का सैलाब: स्थापना दिवस पर उमड़े लाखों श्रद्धालु
नैनीताल: प्रसिद्ध कैंची धाम के स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार को श्रद्धा का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के कपाट खुलते ही देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए कतारों में लग गए। सुबह से ही लगातार श्रद्धालुओं का आगमन जारी रहा और अब तक हजारों भक्त दर्शन कर चुके हैं।
सुबह पांच बजे बाबा नीब करौरी महाराज को मालपुए का भोग अर्पित कर स्थापना दिवस कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया गया। पूरे परिसर में “बाबा के जयकारों” और “श्रीराम” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद के रूप में मालपुए का प्रसाद ग्रहण किया।
सुबह छह बजे के बाद भवाली मार्ग पर लगभग एक किलोमीटर लंबी कतार देखने को मिली। भीड़ बढ़ने पर प्रशासन ने विशेष इंतजाम करते हुए शटल सेवा शुरू की, जिससे श्रद्धालुओं को सुगमता से मंदिर तक पहुंचाया जा सके।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं को किसी भी मार्ग पर अनावश्यक रूप से नहीं रोका जा रहा है और सुगम दर्शन के लिए सभी प्रमुख चौराहों व बैरियरों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
नैनीताल पुलिस और मंदिर समिति के सेवादार मिलकर यातायात, दर्शन और प्रसाद वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए हुए हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
कैंची धाम स्थापना दिवस मेले में अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और फ्रांस सहित कई देशों से भक्त पहुंचे हैं। अमेरिका से आए भक्त मैक्स विलियम्स ने बाबा के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि यहाँ आकर उन्हें गहरी शांति और आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त हुई।
उन्होंने कहा कि बाबा की शिक्षाओं से प्रेरित होकर वे वर्षों से अध्यात्म और सेवा कार्यों से जुड़े हैं और कैंची धाम आना उनके लिए भावनात्मक अनुभव रहा।
महाराष्ट्र से आई श्रद्धालु ऋषा सालवे ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनका यहां आने का कोई पूर्व नियोजित कार्यक्रम नहीं था, लेकिन बाबा की कृपा से वह इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बन सकीं।
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। बरेली, रामपुर, रुद्रपुर, हल्द्वानी और रामनगर से आने वाले मार्गों पर विशेष यातायात योजना लागू की गई है।
भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और भवाली तथा भीमताल से कैंची धाम तक सुगम यातायात सुनिश्चित किया गया है। श्रद्धालुओं के लिए लगातार शटल बसों का संचालन किया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार, “नो-जाम, नो-वेटिंग” व्यवस्था के तहत दर्शन प्रक्रिया को सुचारु रखा गया है। प्रवेश और निकास बिंदुओं पर लगातार शटल सेवाएं उपलब्ध हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कैंची धाम परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बना हुआ है और भक्तों का आना लगातार जारी है।
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