पतलोट का पहाड़ी स्कूल: डिजिटल क्लासेस और विज्ञान लैब से बदल रही बच्चों की जिंदगी!
उत्तराखंड के कुमाऊं के नैनीताल जिले के ओखलकांडा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम पतलोट में स्थित पीएम श्री अटल उत्कृष्ट शहीद बहादुर सिंह मटियाली वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आज ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का एक प्रेरणादायी उदाहरण बन चुका है। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों और शिक्षा विभाग की दूरदर्शी पहल के परिणामस्वरूप यह विद्यालय आज डिजिटल युग की दिशा में अग्रसर है।
पहाड़ की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद यहां डिजिटल बोर्ड और प्रोजेक्टर के माध्यम से स्मार्ट क्लासेस संचालित की जा रही हैं। शिक्षकगण बच्चों को रोचक और व्यवहारिक तरीके से शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
विद्यालय में प्रत्येक दिन की शुरुआत स्थानीय संस्कृति से जुड़ी होती है — सुबह की प्रार्थना कुमाऊनी भाषा में की जाती है, जिससे विद्यार्थियों में अपनी लोकभाषा और परंपराओं के प्रति गर्व की भावना उत्पन्न होती है। साथ ही बच्चों के सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी कौशल को सशक्त करने के लिए नियमित रूप से प्रश्नोत्तर आधारित चर्चा सत्र आयोजित किए जाते हैं।
विद्यालय में एनसीसी प्रशिक्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक सहभागिता की भावना विकसित की जा रही है। राज्य सरकार के सहयोग से यहां एक अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला (लैब) का निर्माण भी प्रगति पर है, जो विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक शिक्षा की दिशा में नए अवसर प्रदान करेगी।
इन प्रयासों का परिणाम यह है कि विद्यालय के छात्र अब NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित हो रहे हैं और अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। यह विद्यालय इस बात का प्रतीक बन चुका है कि जब सरकार की योजनाएं, शिक्षकों का समर्पण और विद्यार्थियों की लगन एक साथ मिलती हैं, तो पहाड़ की दूरस्थ घाटियों में भी शिक्षा का सूरज उज्जवलता से चमक उठता है।
राज्य सरकार की यह पहल “हर गांव में स्मार्ट शिक्षा” के संकल्प को साकार कर रही है — और पतलोट का यह विद्यालय इसका जीवंत उदाहरण बन चुका है।
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