अस्पताल में महिला की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

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उत्तराखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। रूद्रपुर की किच्छा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 26 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मंगलवार सुबह अस्पताल प्रबंधन की ओर से महिला की मौत की जानकारी दिए जाने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का दावा है कि महिला की मौत दो दिन पहले ही हो गई थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन उसकी हालत में सुधार होने का भरोसा देकर इलाज के नाम पर उनसे पैसे लेता रहा।

मामला नानकमत्ता के ग्राम प्रतापपुर निवासी नीतू का है। 26 वर्षीय नीतू पत्नी भोला चौधरी को 29 सितंबर की शाम किच्छा रोड स्थित गौतम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, महिला के सिर की नस में सूजन की समस्या थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका सीटी स्कैन और एमआरए कराया। जांच के बाद उसकी हालत गंभीर बताते हुए उसे वेंटिलेटर पर रखा गया।

परिजनों का आरोप है कि सोमवार शाम जब वे अस्पताल पहुंचे तो नीतू का शरीर ठंडा और अकड़ा हुआ था। इसके बावजूद अस्पताल की ओर से उन्हें महिला की वास्तविक स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि उन्हें लगातार यह भरोसा दिया जाता रहा कि महिला की हालत ठीक हो रही है।

मंगलवार सुबह करीब आठ बजे अस्पताल प्रबंधन ने नीतू को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से महिला की मौत का वास्तविक समय बताने की मांग की।

परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला की मौत दो दिन पहले ही हो चुकी थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी और उसकी हालत में सुधार होने की बात कहकर उपचार के नाम पर रुपये लेता रहा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

परिजनों ने महिला की मौत के वास्तविक समय और उपचार के दौरान किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल महिला की मौत को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।