ट्रंप ने ईरान को रात 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया, तबाही तय!
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले जारी हैं, जबकि ईरान और उसके समर्थक हिज्बुल्ला भी इजराइल और खाड़ी देशों में जवाबी हमले कर रहे हैं। यह संघर्ष मंगलवार को 39वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
इजराइल ने सोमवार को घोषणा की कि उसने ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड के इंटेलिजेंस चीफ मेजर जनरल माजिद खादेमी को मार गिराया। वहीं युद्ध के बीच मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की के बिचौलियों ने ‘इस्लामाबाद समझौता’ के तहत सीजफायर की योजना ईरान और अमेरिका के साथ साझा की है। यह योजना दो चरणों में होगी: शुरुआत 45 दिन के संभावित सीजफायर से, जिसके बाद युद्ध समाप्त करने के लिए अंतिम समझौता किया जाएगा। इस समझौते का एक मुख्य उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोलना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर धमकी दी कि अगर ईरान निर्धारित समय तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलेगा, तो अमेरिका ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर को बुरी तरह नुकसान पहुंचाएगा। प्रारंभिक डेडलाइन सोमवार थी, जिसे बाद में मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) या बुधवार शाम 5:30 बजे IST तक बढ़ा दिया गया।
युद्ध में हताहतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अमेरिका-इजराइल हमलों में 25 से अधिक लोग मारे गए, जबकि इजराइल के हाइफा में ईरानी हमले के बाद दो लोग मलबे में मरे पाए गए और दो अन्य लापता हैं। लेबनान में इजराइली हमलों में कम से कम 15 लोग मारे गए। कुल मिलाकर इस संघर्ष में अब तक 3,400 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें ईरान में 1,900 और लेबनान में 1,400 शामिल हैं।
इजराइली रक्षा मंत्री कैट्ज ने बताया कि ईरान की सबसे बड़ी पेट्रोकेमिकल फैसिलिटी पर हमला किया गया, जो देश के कुल पेट्रोकेमिकल उत्पादन का लगभग 50% है। अभी यह देखना बाकी है कि दोनों पक्ष सीजफायर की शर्तों पर सहमत होंगे या नहीं।
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