उत्तराखंड–हिमाचल सीमा पर तनाव के बाद राहत, सुरक्षा घेरे में पांवटा साहिब क्षेत्र

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उत्तराखंड–हिमाचल सीमा पर निहंग सिख जत्थे को लेकर बने तनावपूर्ण हालात के बीच शुक्रवार को पांवटा साहिब और कुल्हाल बॉर्डर क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सामान्य बनी रही। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए सीमा पर भारी पुलिस बल और आईटीबीपी के जवानों की तैनाती की है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने पांवटा साहिब सीमा का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पांवटा साहिब और कुल्हाल बॉर्डर पर देहरादून आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर नाकेबंदी को मजबूत किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बल तैयार हैं।

प्रशासन और निहंग सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच पांवटा साहिब स्थित गुरुद्वारे में बातचीत जारी है। अधिकारियों के अनुसार, वार्ता का उद्देश्य शांतिपूर्ण समाधान निकालना है ताकि स्थिति को सामान्य रखा जा सके।

यह पूरा घटनाक्रम चमोली जिले के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। उस दौरान स्थानीय लोगों और निहंग सिखों के बीच झड़प में कई लोग घायल हो गए थे। इसी घटना के बाद निहंग सिखों ने अपने साथियों की रिहाई की मांग को लेकर उत्तराखंड कूच का ऐलान किया था।

इसके बाद जत्थे को कुल्हाल बॉर्डर पर रोकने का प्रयास किया गया, जहां बातचीत विफल रहने के बाद कुछ निहंगों के सीमा पार करने और हल्की झड़प की भी सूचना सामने आई थी। हालांकि बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर कई लोगों को वापस पांवटा साहिब भेज दिया।

संवेदनशील स्थिति को देखते हुए विकासनगर–कुल्हाल बॉर्डर को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है। सीमा पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे क्षेत्र में पुलिस और आईटीबीपी की तैनाती बढ़ा दी गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और सभी कदम आपसी संवाद के जरिए स्थिति सामान्य रखने के लिए उठाए जा रहे हैं।