मतदाता सूची को लेकर सख्त मॉनिटरिंग, आयुक्त ने दिए स्पष्ट निर्देश—कोई भी वोटर न छूटे

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उत्तराखंड में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में कुमाऊं मंडल से आयुक्त दीपक रावत ने हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय से प्रतिभाग किया और क्षेत्र में चल रही प्रगति की जानकारी साझा की।

बैठक के दौरान कुमाऊं आयुक्त ने बताया कि SIR प्रक्रिया के तहत फॉर्म वितरण और संग्रहण का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं मंडल के अधिकांश जिलों में कार्य संतोषजनक गति से पूरा किया जा रहा है।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार चम्पावत और अल्मोड़ा जिलों में फॉर्म संग्रहण 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि बागेश्वर में 99.7 प्रतिशत, पिथौरागढ़ में 99.6 प्रतिशत तथा नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में लगभग 98.5 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

हालांकि, कुछ स्थानों पर फॉर्म अभी भी ‘अनकलेक्टेबल’ श्रेणी में हैं, जिन्हें एकत्र नहीं किया जा सका है। इस पर कुमाऊं आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बीएलओ को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र मतदाता का फॉर्म लापरवाही के कारण छूट न जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी मतदाता का नाम गलती से सूची से बाहर न हो और सभी पात्र नागरिकों का मतदान अधिकार सुरक्षित रहे। इस पूरी प्रक्रिया की गहन निगरानी की जा रही है।

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने प्रदेश के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी मतदाता ने बीएलओ से फॉर्म प्राप्त किया है, लेकिन अभी तक उसे जमा नहीं किया है, तो उसे तुरंत संबंधित बीएलओ को सौंप दिया जाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम शामिल करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कार्य में जनता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।