अब जनता के दरवाजे पर सरकार! उत्तराखंड में फिर लौटेगा जनसेवा अभियान

ख़बर शेयर करें 👉

उत्तराखंड सरकार एक बार फिर जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर यह विशेष अभियान 4 जुलाई से 15 दिनों तक पूरे प्रदेश में संचालित किया जाएगा, जिसके तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे।

सरकार का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से जनता को सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ सीधे उनके क्षेत्र में ही उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इन शिविरों में संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहकर जन शिकायतों का निस्तारण करेंगे और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

दरअसल, इससे पहले बीते वर्ष भी इस अभियान का संचालन किया गया था, जिसमें 45 दिनों के दौरान प्रदेशभर में 681 शिविर आयोजित किए गए थे। इन शिविरों में 5 लाख से अधिक नागरिकों ने भाग लिया था और करीब 33 हजार शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया था। इस पहल को सुशासन की एक प्रभावी मिसाल के रूप में सराहा गया था।

इस बार यह अभियान मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर सेवा पखवाड़ा के रूप में चलाया जा रहा है। 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद धामी सरकार के पांच वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इसी अवसर पर सरकार ने प्रशासन को और अधिक सक्रिय करते हुए जनता के बीच पहुंचने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को बिना किसी परेशानी के सरकारी सेवाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य होगी।

सरकार का मानना है कि यह अभियान न केवल जन समस्याओं के समाधान को गति देगा, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को भी और मजबूत करेगा। प्रशासनिक स्तर पर इसे सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।