बारिश का कहर: पहाड़ों से बरसे पत्थर, थमे रास्ते; नैनीताल में दो लोगों की मौत

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उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जिलों में बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे हाईवे और ग्रामीण मार्ग बाधित हो गए हैं। नैनीताल जिले में बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

नैनीताल जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की गुरुवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में लगातार बारिश के चलते यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। भूस्खलन और मलबा आने के कारण पांच राज्य मार्ग और 18 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। इनमें खुटानी-भवाली-धानाचुली, रानीबाग-भीमताल-खुटानी-पदमपुरी, गर्जिया-बेतालघाट-खैरना और रामनगर-भंडारपानी-अमगढ़ी जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं।

प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें बंद सड़कों को खोलने के लिए लगातार काम कर रही हैं। वहीं बारिश जनित घटनाओं में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा एक मवेशी की भी मौत हुई है। हालांकि अभी तक किसी बड़े भवन के क्षतिग्रस्त होने की सूचना नहीं है।

बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। नैनीताल के नौकुचियाताल और हैड़ाखान क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से प्रभावित हुई है। ऊर्जा विभाग की टीमें आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई हैं।

प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश और भूस्खलन के कारण सड़क यातायात प्रभावित है। चमोली जिले में फरासू स्लाइड जोन के पास रॉक फॉल के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। वहीं उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नालूपानी, धरासू घाट और नगुण के पास भूस्खलन के चलते कई जगह बाधित है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें मशीनों के जरिए मार्ग खोलने में जुटी हैं।

नगुण क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरने के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। यात्रियों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी के पास और टिहरी के सुवाखोली मोटर मार्ग पर रोतु की वैली के पास यातायात बहाल कर दिया गया है।

लगातार बारिश का असर मैदानी क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। हरिद्वार और रुड़की में कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।